गुरुवार, 6 जनवरी 2011

नर्मदा सामाजिक कुंभ में सहयोग के लिये अपील पत्र

आदरणीय बन्धु/भगिनी,
सादर, नमस्कार।
आपको विदित ही होगा कि 10, 11 और 12 फरवरी, 2011 को मध्यप्रदेश के वनवासी बहुल जिला मंडला में नर्मदा सामाजिक कुंभ का आयोजन हो रहा है। यह आयोजन सभी दृष्टियों से विशाल और व्यापक है। अनुमान के मुताबिक लगभग 20 से 25 लाख लोगो के इस आयोजन में सभी नागरिक-ग्रामीण और गिरिजन की अपनी-अपनी कुछ न कुछ भूमिका होगी। जो उपस्थित होंगे वे भी और जो उपस्थित नहीं हो सकेंगे वे भी इस महायज्ञ में कुछ न कुछ योगदान देंगे।
सब का योगदान अपनी-अपनी क्षमता के आधार पर होगा। जानकारी के अनुसार आयोजन समिति नकद राशि के अलावा विभिन्न प्रकार की आवश्यक सामग्रियों का संकलन कर रही है। कोई नगद राशि देगा तो कोई दाल-चावल, गुड़-शक्कर से लेकर दीया-सलाई और अन्य उपयोग की वस्तुएं।
नर्मदा सामाजिक कुभ के दौरान स्पंदन संस्था भी अपनी उपस्थिति और भागीदारी दर्ज कराना चाहती है। लेकिन अकेले नहीं, आप सबके साथ। आप स्पंदन के माध्यम से भी अपनी भावनाएं, अपना स्नेह और सहयोग इस कुंभ में पहुंचा सकते हैं। निश्चित ही आप पुण्य के भागी बनेंगे। आपका सहयोग कई जरूरतमंदों के लिए मददगार सिद्ध होगा। इसके लिए आप भी स्पंदन मुहिम में शामिल होकर हमारे प्रयासों में हाथ बंटाइए।
कृपया आपके पास नए-पुराने, किसी भी साइज के, किसी भी प्रकार के कपड़े जो बच्चों, किशोरों और बुजुर्गों के उपयोग के लायक हों, हमें उपलब्ध कराइए, ताकि इसे जरूरतमंद वनवासी बन्धुओं के बीच वितरित किया जा सके। इसके आप हमें हमारे ई-मेल या दूरभाष/मोबाईल पर भी संपर्क कर सकते हैं। स्पंदन कार्यकर्ता संकलित वस्त्र आपसे प्राप्त कर लेंगे। आप चाहें तो निम्न पते पर इसे पहुंचा भी सकते हैं -
स्पन्दन, ई-31, 45 बंगले, भोपाल - 462003, मध्यप्रदेश
दूरभाष : 0755-2765472, 2765174, 09425008648
संपर्क हेतु अन्य सूत्र
श्री जी.के. छिब्बर - 09826012960, 2753294 श्रीमती कुंकुम गुप्ता -0755-2760400
श्रीमती दीपशिखा हर्ष – 09425018086 श्री एस.जी. हसन - 9406809422
श्री अंकुर शर्मा – 09926642199 श्री सुनील मीणा - 08109373211

आपके माध्यम से स्पंदन समूह समाज के लिए सहयोगी बनना चाहता है। आप हमारी सहायता करें, बड़ी कृपा होगी। हमारा आग्रह स्वीकार करें हमारी मुहिम में शामिल हों, स्पंदन समूह कृतार्थ होगा। कृपया इस सन्देश को आप अपने मित्रों, परिचितों और सगे-संबंधियों तक भी पहुंचाने मे हम सब की मदद किजिये।
सादर,
भवदीय
अनिल सौमित्र

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