गुरुवार, 28 अक्तूबर 2010

ताकि मुसलमान के बेटे आतंकवादी न बनें

राजीव कुमार

कुरान की कुछ आयतें जो हैं वो बहुत निर्दयता पूर्वक गैर इस्‍लामियों की हत्‍या करने वाली हैं.
लेकिन अब पूरे विश्‍व में शांति के लिये दुबई सरकार ने शांति पूर्ण कदम उठाया है. पूरे यूरोप के दबाव खासकर अमेरिका के दबाव से अब कुरान की उन आयतों को अरब सरकार ने बदल दिया गया है जो जो काफिरों का खून करने को कहती थीं, इसी तरह वे गैर इस्‍लामी औरतों के साथ बलात्‍कार को भी हलाल कहती थी, इसी तरह गैर इस्‍लामी औरतों को लूट कर उनकी आबरू को लूटने वाली आदि जितनी आयतें कुरान में मौजूद थीं सबको बदलकर बच्‍चों को पढ़ाया जा रहा है ताकि ये बच्‍चें बड़े होकर आतंकवादी न बनें. ये कदम मुस्लिम जगत के लिये पूरे विश्‍व में नजीर बनेंगे क्‍योंकि अक्‍सर कुरान की गलत आयतों को पढ़कर लड़का जेहादी आतंकी बनकर पूरे विश्‍व के लिये सरदर्द बन जाता था मगर अब उनके भविष्‍य के लिये उम्‍मीद की किरणें दिखती नजर आ रही हैं. मगर भारत में या अन्‍य देश पाकिस्‍तान आदि में इसे नही बदला गया है संभव है भारत सरकार इस दिशा में कदम उठायेगी.

इस नये कुरान का नाम रखा गया हैः द ट्रू फुरकान

इस कुरान का लिंक है-http://web.archive.org/web/20080531044110/www.islam-exposed.org/ind...

यू ट्यूब पर आडियो सूनने के लिये यहां क्लिक करें-http://www.youtube.com/watch?v=plMNN30foXY

बार-बार कुछ कट्टर मुस्लिम मेरा विरोध कर रहे थे कि कुरान बहुत प्‍यारा धर्म है आखिर कुरान में गलत नही था तो क्‍यों अरब सरकार इसे बदली.

बहरहाल जो भी हो अरब सरकार यदि अनवरत प्रयासरत रहेगी तो मुसलमानों के सर पर आतंकी होने का कलंक मिट जायेगा और लोग उन्‍हें शक की निगाहों से नही देखेंगे.


जहां-जहां जेहाद आदि था सब को हटा दिया गया है. कुरान से हटायी गयी मुख्‍य आयतें निम्‍न हैं-

1 -गैर मुसलमानों पर रौब डालो ,और उनके सर काट डालो .

काफिरों पर हमेशा रौब डालते रहो .और मौक़ा मिलकर सर काट दो .सूरा अनफाल -8 :12

2 -काफिरों को फिरौती लेकर छोड़ दो या क़त्ल कर दो .

"अगर काफिरों से मुकाबला हो ,तो उनकी गर्दनें काट देना ,उन्हें बुरी तरह कुचल देना .फिर उनको बंधन में जकड लेना .यदि वह फिरौती दे दें तो उनपर अहसान दिखाना,ताकि वह फिर हथियार न उठा सकें .सूरा मुहम्मद -47 :14

3 -गैर मुसलमानों को घात लगा कर धोखे से मार डालना .

'मुशरिक जहां भी मिलें ,उनको क़त्ल कर देना ,उनकी घात में चुप कर बैठे रहना .जब तक वह मुसलमान नहीं होते सूरा तौबा -9 :5

4 -हरदम लड़ाई की तयारी में लगे रहो .

"तुम हमेशा अपनी संख्या और ताकत इकट्ठी करते रहो.ताकि लोग तुमसे भयभीत रहें .जिनके बारेमे तुम नहीं जानते समझ लो वह भी तुम्हारे दुश्मन ही हैं .अलाह की राह में तुम जो भी खर्च करोगे उसका बदला जरुर मिलेगा .सूरा अन फाल-8 :60

5 -लूट का माल हलाल समझ कर खाओ .

"तुम्हें जो भी लूट में माले -गनीमत मिले उसे हलाल समझ कर खाओ ,और अपने परिवार को खिलाओ .सूरा अन फाल-8 :69

6 -छोटी बच्ची से भी शादी कर लो .

"अगर तुम्हें कोई ऎसी स्त्री नहीं मिले जो मासिक से निवृत्त हो चुकी हो ,तो ऎसी बालिका से शादी कर लो जो अभी छोटी हो और अबतक रजस्वला नही हो .सूरा अत तलाक -65 :4

7 -जो भी औरत कब्जे में आये उससे सम्भोग कर लो.

"जो लौंडी तुम्हारे कब्जे या हिस्से में आये उस से सम्भोग कर लो.यह तुम्हारे लिए वैध है.जिनको तुमने माल देकर खरीदा है ,उनके साथ जीवन का आनंद उठाओ.इस से तुम पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन निसा -4 :3 और 4 :24

8 -जिसको अपनी माँ मानते हो ,उस से भी शादी कर लो .

"इनको तुम अपनी माँ मानते हो ,उन से भी शादी कर सकते हो .मान तो वह हैं जिन्होंने तुम्हें जन्म दिया .सूरा अल मुजादिला 58 :2

9 -पकड़ी गई ,लूटी गयीं मजबूर लौंडियाँ तुम्हारे लिए हलाल हैं .

"हमने तुम्हारे लिए वह वह औरते -लौंडियाँ हलाल करदी हैं ,जिनको अलाह ने तुम्हें लूट में दिया हो .सूरा अल अह्जाब -33 :50

10 -बलात्कार की पीड़ित महिला पहले चार गवाह लाये .

"यदि पीड़ित औरत अपने पक्ष में चार गवाह न ला सके तो वह अलाह की नजर में झूठ होगा.सूरा अन नूर -24 :१३

11 -लूट में मिले माल में पांचवां हिस्सा मुहम्मद का होगा .

"तुम्हें लूट में जो भी माले गनीमत मिले ,उसमे पांचवां हिस्सा रसूल का होगा .सूरा अन फाल- 8 :40

12 -इतनी लड़ाई करो कि दुनियामे सिर्फ इस्लाम ही बाकी रहे .

"यहांतक लड़ते रहो ,जब तक दुनिया से सारे धर्मों का नामोनिशान मिट जाये .केवल अल्लाह का धर्म बाक़ी रहे.सूरा अन फाल-8 :39

13 -अवसर आने पर अपने वादे से मुकर जाओ .

"मौक़ा पड़ने पर तुम अपना वादा तोड़ दो ,अगर तुमने अलाह की कसम तोड़ दी ,तो इसका प्रायश्चित यह है कि तुम किसी मोहताज को औसत दर्जे का साधारण सा खाना खिला दो .सूरा अल मायदा -5 :89

14 - इस्लाम छोड़ने की भारी सजा दी जायेगी .

"यदि किसी ने इस्लाम लेने के बाद कुफ्र किया यानी वापस अपना धर्म स्वीकार किया तो उसको भारी यातना दो .सूरा अन नहल -16 :106

15 - जो मुहम्मद का आदर न करे उसे भारी यातना दो

"जो अल्लाह के रसूल की बात न माने ,उसका आदर न करे,उसको अपमानजनक यातनाएं दो .सूरा अल अहजाब -33 :57

16 -मुसलमान अल्लाह के खरीदे हुए हत्यारे हैं .

"अल्लाह ने ईमान वालों के प्राण खरीद रखे हैं ,इसलिए वह लड़ाई में क़त्ल करते हैं और क़त्ल होते हैं .अल्लाह ने उनके लिए जन्नत में पक्का वादा किया है .अल्लाह के अलावा कौन है जो ऐसा वादा कर सके .सूरा अत तौबा -9 :111

17 -जो अल्लाह के लिए युद्ध नहीं करेगा ,जहन्नम में जाएगा .

"अल्लाह की राह में युद्ध से रोकना रक्तपात से बढ़कर अपराध है.जो युद्ध से रोकेंगे वह वह जहन्नम में पड़ने वाले हैं और वे उसमे सदैव के लिए रहेंगे .सूरा अल बकरा -2 :217

18 -जो अल्लाह की राह में हिजरत न करे उसे क़त्ल करदो

जो अल्लाह कि राह में हिजरत न करे और फिर जाए ,तो उसे जहां पाओ ,पकड़ो ,और क़त्ल कर दो .सूरा अन निसा -4 :89

19 -अपनी औरतों को पीटो.

"अगर तुम्हारी औरतें नहीं मानें तो पहले उनको बिस्तर पर छोड़ दो ,फिर उनको पीटो ,और मारो सूरा अन निसा - 4 :34

20 -काफिरों के साथ चाल चलो .

"मैं एक चाल चल रहा हूँ तुम काफिरों को कुछ देर के लिए छूट देदो .ताकि वह धोखे में रहें अतता.सूरा रिक -86 :16 ,17

21 -अधेड़ औरतें अपने कपडे उतार कर रहें .

"जो औरतें अपनी जवानी के दिन गुजार चुकी हैं और जब उनकी शादी की कोई आशा नहीं हो ,तो अगर वह अपने कपडे उतार कर रख दें तो इसके लिए उन पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन नूर -24 :60

7 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

bhayank hai yadi vastav me esa hi likha h to ...........

RAVINDRA SWAPNIL PRAJAPATI ने कहा…

bhayank h yadi esa hi likha hai to...........

RAVINDRA SWAPNIL PRAJAPATI ने कहा…

bhayank h yadi esa hi likha hai to...........

ZEAL ने कहा…

.

Unbelievable and disgusting if it is written in their texts. Hope they will realize this some day.

.

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

अत्यन्त अव्यवयवहारिक व मानव प्रजाति के विकास में घातक कायदे-कानून. सन्देह की कोई गुँजाईश ही नहीं कि आतंकवाद यहीं से प्रारम्भ हो रहा है ।
सुशील बाकलीवाल

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

अत्यन्त अव्यवहारिक और मानव प्रजाति के विकास में बाधक कानून-कायदे. कोई संदैह ही नहीं कि आतंकवाद के प्रथम अंकुर यहीं से उपजते रहे हैं ।
परिवर्तनिय नियम स्वागतयोग्य हों ।
सुशील बाकलीवाल

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

अत्यन्त अव्यवहारिक और मानव प्रजाति के विकास में बाधक कानून-कायदे. कोई संदैह ही नहीं कि आतंकवाद के प्रथम अंकुर यहीं से उपजते रहे हैं ।
परिवर्तनिय नियम स्वागतयोग्य हों ।
सुशील बाकलीवाल