रविवार, 12 सितंबर 2010

मीडिया में भारतीय मूल्यों की जरूरत : आईएमसी

भोपाल 11 सितंबर 2010
पहले जो पत्रकारिता भारतीय मूल्यों को लेकर की जाती थी आज उसके स्वरूप मे व्यापारिक मूल्य अधिक हावी होते जा रहे है इसे देखते हुए मीडिया की कार्यप्रणाली में सुधार की जरुरत है और मीडिया को स्वयं ही इसकी शुरुआत करनी होगी। यह विचार जनसंपर्क,ं संस्कृति, एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने इंडियन मीडिया सेंटर की गवर्निंग बोर्ड की दो दिवसीय राष्ट्ीय बैठक के उदृघटन सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में व्यक्त किए।
बैठक की अध्यक्षता इंडियन मीडिया सेंटर के अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार एवं सांसद डॉ.चंदन मित्रा ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडियन मीडिया सेंटर के निदेशक श्याम खोसला एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्टीय पत्रकारिता वि.वि.के कुलपति प्रो. ब्रजकिशोर कुठियाला, पंजाब पुलिस के पूर्व महानिदेशक श्री पी.सी. डोगरा विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित थे। बैठक का आयोजन इंडियन मीडिया सेंटर के मध्यप्रदेश चैप्टर द्वारा किया गया था। बैठक का समापन रविवार को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान करेंगे।
श्री शर्मा ने कहा कि आज मीडिया में नकारात्मक बातों को विशेष रूप से प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार व प्रशासन में जो गलत हो रहा है उसे मीडिया को जरुर छापना व दिखाना चाहिये। पर जब अच्छा काम हो तो वह भी सामने लाया जाना चाहिये। उन्होंने युवा पत्रकारों का आहवान करते हुये कहा कि भारतीय मूल्यों की स्थापना के लिये अच्छे साहित्य का अध्ययन करना चाहिये।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. चंदन मित्रा ने कहा कि पत्रकारिता में हो रहे अवमूल्यन को रोकने के लिए हमें समाज का नैतिक अवमूल्यन रोकना होगा। इस लिहाज से हमें मीडिया की कमजोरियों पर व्यापक दृष्टिकोण से विचार करना चाहिये। मीडिया की विकृतियों पर अंकुश लगाने के लिये मीडिया को स्वयं रास्ता तलाशना होगा। पेड न्यूज की बढती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुये उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में मीडिया की इस प्रवृत्ति के सामने राजनैतिक दल झुक गये यदि वे ऐसा नहीं करते तो इस पर अंकुश लग सकता था। उन्होंने कहा कि अकेले पत्रकार यह लडाई नहीं लड़ पायेंगे। इसके लिये समाज और राजनीतिक दलों को जागरुक करना होगा।
वरिष्ठ पत्रकार श्री श्याम खोसला ने कहा कि पत्रकारिता नाजुक और चुनौती से भरे दौर से गुजर रही है और यह खतरे बाहर के नहीं मीडिया के भीतर से ही पैदा हुये हैं। मीडिया को अपने इन संकटों और कमजोरियों को पहचानना होगा। और आत्म निरीक्षण करना होगा। श्री खोसला ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता घटी है। पत्रकारों में सच्चाई ढूंढने की प्रवृत्ति कम हुई है। आज पत्रकारों को सच को सामने रखना होगा। पेड न्यूज की चर्चा करते हुये श्री खोसला ने कहा कि प्रेस कौंसिल के वर्तमान स्वरुप में बदलाव करते हुए एक नई मीडिया कौंसिल बनाये जाने की जरुरत पर जोर दिया। एक शक्तिशाली और प्रभावी कौंसिल ही मीडिया को नियंत्रित करने में कारगर हो सकती है।। उन्होंनेे कहा कि इंडियन मीडिया संंेटर समर्पित व्यक्तियों के माध्यम से मीडिया को बदलने का एक प्रयास है।
इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार वि.वि. के कुलपति प्रो. ब्रजकिशोर कुठियाला ने कहा कि जिस तरह का बदलाव हो रहा है उसे देखते हुए भविष्य में समाज की रचना मीडिया संवाद पर ही निर्भर करेगी। इसलिए यदि समाज को सुनियोजित करना है तो मीडिया को सुनियोजित करना होगा। इसके लिए मीडिया और समाज दोनों को मिलकर भी कार्य करना होगा। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन वरिष्ठ पत्रकार एवं उपाध्यक्ष राष्ट्रीय एकता समिति श्री रमेश शर्मा जी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार श्री राघवेन्द्र सिंह ने किया और आभार प्रदर्शन मीडिया कार्यकर्ता श्री अनिल सौमित्र ने किया।

1 टिप्पणी:

honesty project democracy ने कहा…

सार्थक और सराहनीय प्रस्तुती ,मिडिया जब दलालों के आवारा पूंजी पे चल रहा हो ऐसे में नैतिकता की बात मुश्किल है ,इस देश में नैतिकता लाने के लिए इस देश के बरे-बरे उद्योग पतियों के संपत्ति की सामाजिक जाँच करने की जरूरत है ,उनकी संपत्ति ही इस देश को लूटने पे आधारित है ,देश और समाज कराह रहा है और ये उद्योगपति अरबपति बनते जा रहें हैं और समूची सरकार इनकी दलाली में लगी हुयी है ,आज जरूरत है इस बात को सच्चे पत्रकार खोजी पत्रकारिता के जरिये इन उद्योग पतियों के असली चेहरे को इस देश के जनता के सामने लाये ,ऐसा करके की नैतिकता लाया जा सकता है ...