शुक्रवार, 17 सितंबर 2010

इंडियन मीडिया सेंटर की बैठक में मीडिया में भारतीय मूल्यों तलाश


प्रेस कौंसिल की जगह नई मीडिया कौंसिल बनाने की वकालत
भोपाल। भौतिकता से दग्ध मानवता को शांति और दिशा देने का काम भारतीय मूल्य और दर्शन ही करेंगे। भारतीय मूल्यों और राष्ट्रीय भावना को संरक्षित करने और प्रसारित करने की जिम्मेदारी मीडिया को निभानी होगी। आज भारतीय मूल्यों और परंंपराओं को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मीडिया भी इसमें शामिल है। मीडिया को मर्यादित होना होगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने इंडियन मीडिया सेंटर की बैठक में समापन उद्बोधन देते हुए ये बातें कही। श्री चैहान ने आजादी के पूर्व और बाद के मीडिया की सकारात्मक और संर्घषशील भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि आज मीडिया व्यावसायिक हो रहा है जिसके कारण वह संकट के दौर से गुजर रहा है। श्री चौहान ने पेड न्यूज की चर्चा करते हुए इसे समाज के लिए जहर के समान बताया। उन्होंने कहा कि देश तब मजबूत होगा जब नागरिक राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत होंगे। मीडिया को समाज में राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने का कार्य करना चाहिए।

मीडिया के बाजारीकरण और व्यापारीकरण से सभी परेशान हैं - क्या नेता और क्या पत्रकार! पेड न्यूज के रोग ने पत्रकारिता ही नही, बल्कि तो समूची मीडिया को ही बदनाम कर दिया है। लेकिन इन सब के बीच एक शुभ लक्षण भी दिख रहे हैंं। जिन हाथों की उंगलियां दूसरों की ओर उठती थी, अब अपनी ओर उठी उंगलियों को भी देखने लगी हैं। मीडिया और पत्रकारों के बीच भी आत्मनिरीक्षण व आत्मावलोकन का दौर शुरु हो गया है। भोपाल में इंडियन मीडिया सेंटर की गवर्निंग बोर्ड की दो दिवसीय बैठक में यही सब कुछ हुआ।
आईएमसी की संगठनात्मक बैठक के बहाने आयोजकों, देशभर के प्रतिनिधि पत्रकारों और मीडिया से जुड़े विशेषज्ञों ने मीडिया की चुनौतियों से लेकर पत्रकारों के हितों से जुड़े सवालों पद गंभीर चर्चा की। उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश के जनसंपर्क और संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और समापन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने आज की मीडिया को लेकर अपनी राय व्यक्त की।
राजनेता और मध्यप्रदेश शासन में मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि पहले जो पत्रकारिता भारतीय मूल्यों को लेकर की जाती थी आज उसके स्वरूप मे व्यापारिक मूल्य अधिक हावी होते जा रहे है इसे देखते हुए मीडिया की कार्यप्रणाली में सुधार की जरुरत है और मीडिया को स्वयं ही इसकी शुुरुआत करनी होगी। उन्होंने कहा कि आज मीडिया में नकारात्मक बातों को विशेष रूप से प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार व प्रशासन में जो गलत हो रहा है उसे मीडिया को जरुर छापना व दिखाना चाहिये। पर जब अच्छा काम हो तो वह भी सामने लाने का प्रयत्न करना चाहिये। उन्होंने मीडिया में भारतीय मूल्यों का समावेश करने के लिए मीडिया के लोगों से भारतीय साहित्य के अध्ययन का आग्रह भी किया।
इंडियन मीडिया सेंटर के अध्यक्ष डॉ. चंदन मित्रा ने कहा कि पत्रकारिता में हो रहे अवमूल्यन को रोकने के लिए हमें समाज का नैतिक अवमूल्यन रोकना होगा। इस लिहाज से हमें मीडिया की कमजोरियों पर व्यापक दृष्टिकोण से विचार करना चाहिये। मीडिया की विकृतियों पर अंकुश लगाने के लिये मीडिया को स्वयं रास्ता तलाशना होगा। पेड न्यूज की बढती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुये उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में मीडिया की इस प्रवृत्ति के सामने राजनैतिक दल झुक गये, यदि वे ऐसा नहीं करते तो इस पर अंकुश लग सकता था। उन्होंने कहा कि अकेले पत्रकार यह लडाई नहीं लड़ पायेंगे। इसके लिये समाज और राजनीतिक दलों को जागरुक करना होगा।
वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा सदस्य डॉ मित्रा ने कहा कि भारतीय मूल्यों की रचना में गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण योगदान रहा है पर आज उस इतिहास की उपेक्षा हो रही है जिसके परिणामस्वरूप भारतीय मूल्यों में गिरावट आ रही है। नई पीढ़ी इतिहास और परम्पराओं से अनभिज्ञ है। मीडिया भी भारतीय मूल्यों पर हमला कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारिता में राष्ट्रीय भावना को हीन करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने मीडिया से शाश्वत भारतीय मूल्यों को सामने लाने का आहवान किया। .श्री मित्रा ने नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास और मूल्यों से परिचित करवाने हेतु इसे पाठ्यक्रमों में शामिल करने की बात कही।
इंडियन मीडिया सेंटर के निदेशक और वरिष्ठ पत्रकार श्री श्याम खोसला ने कहा कि पत्रकारिता नाजुक और चुनौती से भरे दौर से गुजर रही है और यह खतरे बाहर के नहीं मीडिया के भीतर से ही पैदा हुये हैं। मीडिया को अपने इन संकटों और कमजोरियों को पहचानना होगा। और आत्म निरीक्षण करना होगा। श्री खोसला ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता घटी है। पत्रकारों में सच्चाई ढूंढने की प्रवृत्ति कम हुई है। पेड न्यूज की चर्चा करते हुये श्री खोसला ने कहा कि प्रेस कौंसिल के वर्तमान स्वरुप में बदलाव करते हुए एक नई मीडिया कौंसिल बनाये जाने की जरुरत पर जोर दिया। एक शक्तिशाली और प्रभावी कौंसिल ही मीडिया को नियंत्रित करने में कारगर हो सकती है।। उन्होंनेे कहा कि इंडियन मीडिया संंेटर समर्पित व्यक्तियों के माध्यम से मीडिया को बदलने का एक प्रयास है।
इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार वि.वि. के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि जिस तरह का बदलाव हो रहा है उसे देखते हुए भविष्य में समाज की रचना मीडिया संवाद पर ही निर्भर करेगी। इसलिए यदि समाज को सुनियोजित करना है तो मीडिया को सुनियोजित करना होगा। इसके लिए मीडिया और समाज दोनों को मिलकर भी कार्य करना होगा। प्रो. कुठियाला ने कहा कि आज देश में जो पत्रकारिता की जा रही है वह भारत के लिए तो है लेकिन भारतीयों के लिए नहीं है। इस प्रवृत्ति का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया की उत्पत्ति, सिद्धांत और आधार पश्चिमी रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का आधार सत्य है पर आज की पत्रकारिता अप्रिय और अधूरे सत्य को अभिव्यक्त कर रही है। श्री कुठियाला ने कहा कि पत्रकारिता का व्यापारीकरण उचित नहीं है समाज उसे बल देकर सामाजिक उददेश्यों की प्राप्ति का साधन बना सकता है।
इंडियन मीडिया सेंटर के संयोजक और मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने कहा कि आज देश का मीडिया भारत की प्राथमिकताओं के साथ नहीं है वह विदेशी ताकतोंे के साथ दिखता है। मीडिया राष्ट्र और राष्ट्रवाद को अनदेखा कर रहा है जो कि हमारी मानसिक दासता का द्योतक है।
कार्यक्रम में, पेड न्यूज और मीडिया में भारतीय मूल्यों का समावेश - दो विषयों पर प्रस्तुति और चर्चा भी हुई। मीडिया में भारतीय मूल्यों का समावेश पर श्री रमेश शर्मा और प्रो. कुठियाला ने अपनी प्रस्तुति दी। जबकि पेड न्यूज वरिष्ठ पत्रकार श्री के. जी सुरेश और भारतीय जनसंचार संस्थान के प्रोफेसर पदीप माथुर ने प्रस्तुति दी। के जी सुरेश ने कहा कि आज विज्ञापनों और पेड न्यूज को बतौर समाचार दिखाया जा रहा है। आज पत्रकारों को आत्ममंथन की आवश्यकता है क्योंकि उनकी इस कमजोरी के कारण राजनेता उनको कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इस विषय पर पत्रकारों को सोचना होगा कि यदि उन्होंेने अपनी इस कमजोरी को खत्म नहीं किया तो हमारी विश्वनीयता समाप्त हो जाएगी। प्रो.प्रदीप माथुर ने कहा कि मीडिया में आ रही गिरावट के लिए सिर्फ पत्रकार ही जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि समाज को भी इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। समाज को घटिया सामग्री वाले मीडिया को नकारना होगा। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज के लिए पैसे देने वाला भी उतना ही जिम्मेदार है जितना कि लेने वाला। इसलिए मीडिया और पत्रकारों के साथ ही समाज को भी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
बैठक के अंतिम दिन इंडियन मीडिया सेंटर के मध्यप्रदेश चैप्टर का गठन भी हुआ। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पीसी डोगरा और निदेशक श्याम खोसला की उपस्थिति में हुई बैठक में वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश शर्मा अध्यक्ष, श्री राघवेन्द्र सिंह उपाध्यक्ष, श्री अनिल सौमित्र महासचिव और श्री अनिल शर्मा कोषाध्यक्ष निर्वाचित किए गए।

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