रविवार, 12 सितंबर 2010

भारतीय मूल्य ही मीडिया को दिशा देने में सक्षम : मुख्यमंत्री श्री चौहान

भोपाल 12 सितंबर 2010
भौतिकता से दग्ध मानवता को शांति और दिशा देने का काम भारतीय मूल्य और दर्शन करेंगे। भारतीय मूल्यों और राष्ट्रीय भावना को संरक्षित करने और प्रसारित करने की जिम्मेदारी मीडिया को निभानी होगी। उक्त विचार प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने इंडियन मीडिया सेंटर की गवर्निंग बोर्ड की मीटिंग में मीडिया में भारतीय मूल्यों के समावेश विषय पर व्यक्त किए। इस दो दिवसीय बैठक का आयोजन इंडियन मीडिया सेंटर के भोपाल चैप्टर ने किया। सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार डॉ. चंदन मित्रा ने की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कहा कि आज भारतीय मूल्यों और परंपराओं को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मीडिया भी इसमें शामिल है। मीडिया को मर्यादित होना होगा। श्री चैहान ने आजादी के पूर्व और बाद के मीडिया की सकारात्मक और संर्घषशील भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि आज मीडिया व्यावसायिक हो रहा है जिसके कारण वह संकट के दौर से गुजर रहा है। श्री चैहान ने पेड न्यूज की चर्चा करते हुए इसे समाज के लिए जहर के समान बताया। उन्होंने कहा कि देश तब मजबूत होगा जब नागरिक राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत होंगे। मीडिया को समाज में राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने का कार्य करना चाहिए।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार डॉ चंदन मित्रा ने कहा कि भारतीय मूल्यों की रचना में गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण योगदान रहा है पर आज उस इतिहास की उपेक्षा हो रही है जिसके परिणामस्वरूप भारतीय मूल्यों में गिरावट आ रही है। नई पीढ़ी इतिहास और परम्पराओं से अनभिज्ञ है। मीडिया भी भारतीय मूल्यों पर हमला कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारिता में राष्ट्रीय भावना को हीन करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने मीडिया से शाश्वत भारतीय मूल्यों को सामने लाने का आहवान किया। .श्री मित्रा ने नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास और मूल्यों से परिचित करवाने हेतु इसे पाठ्यक्रमों में शामिल करने की बात कही।
इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी. के. कुठियाला ने कहा कि आज देश में जो पत्रकारिता की जा रही है वह भारत के लिए तो है लेकिन भारतीयों के लिए नहीं है। इस प्रवृत्ति का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया की उत्पत्ति, सिद्धांत और आधार पश्चिमी रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का आधार सत्य है पर आज की पत्रकारिता अप्रिय और अधूरे सत्य को अभिव्यक्त कर रही है। श्री कुठियाला ने कहा कि पत्रकारिता का व्यापारीकरण उचित नहीं है समाज उसे बल देकर सामाजिक उददेश्यों की प्राप्ति का साधन बना सकता है।
इंडियन मीडिया सेंटर के संयोजक और मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने कहा कि आज देश का मीडिया भारत की प्राथमिकताओं के साथ नहीं है वह विदेशी ताकतोंे के साथ दिखता है। मीडिया राष्ट्र और राष्ट्रवाद को अनदेखा कर रहा है जो कि हमारी मानसिक दासता का द्योतक है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पेड न्यूज पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री के. जी सुरेश ने कहा कि आज विज्ञापनों और पेड न्यूज को बतौर समाचार दिखाया जा रहा है। आज पत्रकारों को आत्ममंथन की आवश्यकता है क्योंकि उनकी इस कमजोरी के कारण राजनेता उनको कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इस विषय पर पत्रकारों को सोचना होगा कि यदि उन्होंेने अपनी इस कमजोरी को खत्म नहीं किया तो हमारी विश्वनीयता समाप्त हो जाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय जनसंचार संस्थान के प्रो.प्रदीप माथुर ने कहा कि मीडिया में आ रही गिरावट के लिए सिर्फ पत्रकार जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि समाज को भी इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी और घटिया सामग्री वाले मीडिया को नकारना होगा। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज के लिए पैसे देने वाला भी उतना ही जिम्मेदार है जितना कि लेने वाला। इसलिए मीडिया और पत्रकारों के साथ ही समाज को भी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
कार्यक्रम में आए प्रतिभागियों का धन्यवाद श्री रमेश शर्मा ने किया। प्रथम सत्र में श्री संजय द्विवेदी तथा दूसरे सत्र में कार्यक्रम का संचालन श्री अनिल सौमित्र ने किया।

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