शनिवार, 28 अगस्त 2010

संघ के पूर्व प्रवक्ता राम माधव और सामना के संपादक एक सितम्बर को भोपाल में

मुंबई 9/11,दिल्ली बटाला हाउस मुठभेड़ जैसी आतंकी घटनाओं में मीडिया की भूमिका को लेकर लोगों के मन में अनेक प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। जहंा अन्य मसलों पर मीडिया का प्रभाव सीमित रहा लेकिन आतंकवादी घटनाओं की व्यापकता और घातकता ने समाज को गहरे तक प्रभावित किया है। चूंकि 21वीं सदी में आतंकवाद की भयावह स्थिति को देखते हुए मीडिया के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। कभी -कभी ऐसा लगता है कि मीडिया आतंकवाद की राजनीति का एक पुर्जा बनता जा रहा है।

इसी माह संयुक्त राष्ट्र संघ और अमेरिका ने हजरत - उल - जिहाद इस्लामिया को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित किया है जिसमें इसे हैदराबाद के मक्का/मस्जिद में हुए विस्फोट के लिए जिम्मेदार मानते हुए विशेष उल्लेख किया है। ज्ञात है कि इस विस्फोट के लिए भारतीय सुरक्षा संगठन हिन्दुओं को दोषी बता रहे है और सारे मीडिया जगत में हिन्दू आतंकवाद का नया शब्द गढ लिया है। लेकिन किसी भी मीडिया इले., प्रिंट में संयुक्त राष्ट्र संघ एवं अमेरिका की रिपोर्ट को नहीं बताया जा रहा है एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र ने इस खबर को छापा लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के दावे को झुठलाने वाली रिपोर्ट को साबित किया। ऐसे में जनमानस पर मीडिया की भूमिका को लेकर प्रश्नचिन्ह् लगना स्वभाविक है साथ ही स्वयं मीडिया भी इस चुनौती को लेकर गंभीर हैं।

इसी संदर्भ में मीडिया के समक्ष मौजूद इस चुनौती को स्वीकार कर, एक सार्थक एवं ठोस पहल के लिए, शोध, जागरूकता एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन संस्थान, स्पंदन एवं राष्टीय एकता समिति प्रदेश स्तरीय के साथ आतंकवाद की राजनीति एवं मीडिया विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस संगोष्ठी में मीडिया वर्ग, जनप्रतिनिधि एवं जनसामान्य को आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रवक्ता ंव केन्द्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य राम माधव एवं सामना मुंबई के कार्यकारी संपादक प्रेम शुक्ल, उपनेता प्रतिपक्ष चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी वक्तव्य देंगे। कार्यकम की अध्यक्षता वरिष्ठ राजनेता श्री महेश जोशी करेंगे।


मीडिया प्रभारी

;मदन मोहन मालवीयद्ध

1 टिप्पणी:

DEEPAK BABA ने कहा…

भारतीय मीडिया विदेशी रिपोर्ट पर जब हल्ला करता हैं जब मसला हिंदू या राष्ट्रवाद के बारे में हो......

अन्यथा....... आजकल यमुना जी में खामख्वह बाड़ पैदा कर रहे हैं.