सोमवार, 19 अप्रैल 2010

नक्सल समस्या का जवाब है संघ का विकास माडल : तरूण विजय

विचारधारा के आवरण में आतंकवाद का ही एक छलावा है नक्सलवाद

भोपाल।सर्वदलीय इच्छाशक्ति के आभाव के कारण नक्सलवादी हिंसा का देश में विस्तार हुआ है।बंदूक के दम पर गरीबी और विकास का दावा करने वाले हिंसक माओवादियों ने अब तक देश के अंदर कोई माओ का आदर्श गांव नहीं बनाया है जो समस्यां विहीन हो । वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश भर में 159000 सेवा प्रकल्प चला कर समाज को मजबूत बनाने में योगदान दे रहा है। भोपाल विश्व संवाद केंन्द्र में आज आयोजित प़़त्रकार वार्ता में संघ विचारक और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तरूण विजय ने कही।
उन्होंने कहा कि 220 जिलों में फैले नक्सलियों को नेस्तानाबूत करने के लिए सरकारों ने अब तक 4000 करोड़ रूपये खर्च कर चुकी है।10000 से अधिक भारतीयों की हत्या कर चुके इन नक्सली समस्यां का एक मात्र हल संविधान की भावना के अनुरूप संघ के जैसे सेवा प्रकल्प है।उन्होंने कहा कि विचारधारा के आवरण में आतंकवाद का ही एक छलावा है नक्सलवाद।जिसे अरूधती राय जैसी छद्म बुद्धिजीवी इसे रोमांटीसाइज करती है।
अपने छत्तीसगढ़ दौरे के अनुभवों को बाटते हुए श्री तरूण ने कहा कि सबसे नक्सल पीड़ित दंतेवाडा,जगदलपुर सहित 164 तहसीलों में संघ के सेवा प्रकल्प चल रहे है।नक्लवाद कि बलिवेदी पर चढायें गए हजारों परिवारोें के बच्चों का लालन पालन संघ के सेवा शिविर हो रहा है।ये कार्य नक्सलवाद को रोमांटीसाइज करने वाले छद्म बुद्धिजीवियों को नहीं दिखाई देती।
उन्होंने कहा कि जनता कि तानाशाही लाने का दावा मानवता के लिए भीषण त्रासदी बन चुकी नक्लियों कि बंदूके विदेशी पैसे से गरजती है जबकि संघ जनता के पैसे से ही सेवा प्रकल्प चला कर जनता कि बुनियादी जरूरतों के हल के लिए काम कर रहा है।जिसे करीब से देखने कि जरूरत है।विशेष रूप से अरूधती राय और दिग्विजय सिंह जैसे उन लोगों को । दंतेवाडा मेेें हुई नक्सली वारदात के संबंध में उन्होंने कहा कि जब विपक्ष सरकार का साथ दे रहा है तब कांग्रेसी ही पी चितंबरम को घेर रहे है। इसका जवाव सोनिया गांधी का देना चाहिए।

1 टिप्पणी:

मिहिरभोज ने कहा…

पूर्ण समर्थन....