मंगलवार, 22 दिसंबर 2009

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करेगा राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंतन


9-10 मार्च, 2010 में हरिद्वार में होगा अखिल भारतीय राष्ट्र-रक्षा कुंभ

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश में सीमाई सुरक्षा के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है। संघ की चिंता समय-समय पर प्रस्तावों, वक्तव्यों और कार्यक्रमों के माध्यम से व्यक्त होती रही है। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा केन्द्र और राज्यों की सरकारों के साथ ही आमलोगों की चिंता का विषय बने इस दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं। संघ की प्रेरणा और पहल से देश के अनेक सुरक्षा विशेषज्ञों, सेना और पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों तथा अन्य तकनीकी और विशिष्ट क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने ‘फोरम फाॅर इंटीग्रेटेड नेशनल सिक्योरिटी’ (फिन्स) का गठन किया है। अखिल भारतीय स्तर पर गठित इस फोरम को सभी राज्यों में विस्तार दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि फिन्स को विस्तार देने और इसे प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्री इन्द्रेश कुमार देशभर में प्रवास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में वे 21 दिसंबर को भोपाल आए थे। श्री इन्द्रेश कुमार ने 9-10 मार्च, 2010 में प्रस्तावित राष्ट्र रक्षा सम्मेलन के सिलसिले में भोपाल के विशिष्ट लोगों से चर्चा। यह सम्मेलन हरिद्वारा में होना प्रस्तावित है। इस सम्मेलन में देशभर से लगभग सात सौ प्रतिनिधि शामिल होंगे। ये सभी प्रतिनिधि सुरक्षा संबंधी मामलों से जुडे विशेषज्ञ होंगे। इन्द्रेश कुमार भोपाल के सेवानिवृत्त पुलिस, प्रशासन और सेना के लोगों से मिले और घंटो चर्चा की। उन्होंने बताया कि हरिद्वारा में आयोजित इस राष्ट्र रक्षा सम्मेलन में देश की आंतरिक, सीमाई और बाह्य सुरक्षा के विषयों पर विविध आयामों से विस्तृत चर्चा की जायेगी। विभिन्न तकनीकी सत्रों में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में सुरक्षा संबंधी समस्याओं और सरकार तथा सुरक्षा संबंधी एजेंसियों के साथ ही नागरिकों स्तर पर हाने वाली पहल के बारे में सुझाव, योजना और रणनीति संबंधी चर्चा भी होगी।
श्री इन्द्रश कुमार ने चर्चा उपस्थित सभी वरिष्ठ प्रतिभागियों से हरिद्वार में प्रस्तावित राष्ट्ररक्षा सम्मेलन में उपस्थित होने और इस सम्मेलन में अधिकाधिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति के लिए सभी से प्रयास करने का आग्रह भी किया। भोपाल की चर्चा में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस आर डी शुक्ला, सेवानिवृत्त डीजीपी एन. नटराजन,एचएम जोशी, सुभाषचन्द्र त्रिपाठी, वीपी साहनी, कैप्टन वीपी सिंह, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी डीएस गिल और जयकृष्ण गौड़ आदि उपस्थित थे। अन्य राज्य की तरह ही मध्यप्रदेश से भी प्रतिनिधियों की सूची तैयार की जायेगी। मध्यप्रदेश के सुरक्षा और रक्षा विशेषज्ञों का भी अच्छी संख्या में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जायेगा।

कोई टिप्पणी नहीं: